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आतंकबाद से त्रस्त विश्व को उबारेगी, भारत व अमेरिका की जुगलबंदी!

मोदी व ट्रम्प ने विश्व से आतंकबाद का खात्मा करने के लिए ह्यूस्टन में बजाया डंका
भारत के लिए आतंकवाद,अलगाववाद,जातिवाद,क्षेत्रवाद व भ्रष्टाचार से हजारों गुना अधिक घातक है अंग्रेजी व इंडिया की दासता मोदी जी !

भारत को अंग्रेजी   -इंडिया की गुलामी से मुक्त करके भारतीय भाषायें लागू  करने  की मांग को लेकर 78माह से सतत् सत्याग्रह कर रहे भारतीय भाषा आंदोलन के अध्यक्ष देवसिंह रावत के नेतृत्व में  23 सितम्बर 2019 को संसद की चैखट, जंतर मंतर   से प्रधानमंत्री कार्यालय तक पदयात्रा कर  दिया ज्ञापन

नई दिल्ली(प्याउ)। 22सितम्बर को अमेरिका के ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में हाउडी मोदी कार्यक्रम में विश्व की महाशक्ति अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प  व प्रधानमंत्री मोदी  की ऐतिहासिक संबोधन ने भारत व अमेरिका के मध्य दोस्ती की नई इबादत रचते हुए आतंक का मिल कर खात्मा करने का संकल्प लिया। उसका जहां अमेरिका व भारत की देशभक्त जनता के अलावा आतंकबाद से त्रस्त पूरे विश्व ने खुले दिल से स्वागत किया। यह पहला अवसर था कि विश्व की महाशक्ति अमेरिका में किसी विदेशी प्रमुख की इतनी विशाल समारोह हुआ और उसमें अमेरिका का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व भारतीय प्रधानमंत्री ने संयुक्त रूप से संबोधित कर एक दूसरे के कसीदे पढ़ते हुए इस्लामिक आतंक का मिल कर सफाया करने का ऐतिहासिक संकल्प लिया।
50 हजार से अधिक संख्या में भारतीय मूल के अमेरिकियों से खचाखच भरे ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में प्रधानमंत्री मोदी का जहां अमेरिका के दोनों दलों के सांसदों ने स्वागत किया। वहीं इस समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पंहुचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी शान में कई कसीदे पढ़ते हुए विश्व का सबसे मजबूत नेता बताया। यही नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने इससे आगे बढ़ कर डोनाल्ड ट्रंप को अगले साल होने वाले राष्ट्रपति के चुनाव में विजयी होने की शुभकामनाएं देते हुए अबकी बार ट्रप सरकार का उदघोष कर अमेरिकी राष्ट्रपति सहित पूरे विश्व को चैका दिया। उल्लेखनीय है कि दुनिया का एक सामान्य वसूल है कि एक देश दूसरे देश के चुनावों में कोई हस्तक्षेप नहीं करता। परन्तु प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी परवाह न करते हुए सीधे सीधे ट्रंप की विजय की सार्वजनिक अपील तक कर दी। हालांकि उस सभा में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के नेता विद्यमान थे।
इसके बाद अपने संबोधन में गदगद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां मोदी को अपना परम मित्र व भारत में विश्वस्तरीय विकास करने वाला मजबूत नेता बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और मेरे नेतृत्व में अमेरिका अपनी सीमाओं की मिलकर रक्षा करने के साथ दुनिया को खतरा बन गये इस्लामिक आतंकवाद का भी खात्मा करेंगे। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि आज हमारे संबंध पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत हैं और हम लोकतंत्र की प्रतिबद्धता से बंधे हुए हैं। ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि हमारे देशों को पहले से कहीं ज्यादा समृद्ध बनाने के लिए मैं मोदी के साथ काम करने का इच्छुक हूं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के संबोधन के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए जहां अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप, स्थानीय प्रशासन व अमेरिकी सांसदों को धन्यवाद देते हुए  हाउ डी मोदी का मतलब बताते हुए कहा कि भारत में सब कुछ अच्छा है। भारत में सब कुछ चंगा है। उन्होंने कहा कि वह 130 करोड़ भारतीयों के लिए काम करने वाला एक साधारण व्यक्ति है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने जैसे ही धारा 370 हटाने की बात कही तो पूरा स्टेडियम हर्षोल्लाश से गूंज उठा। इस अवसर पर मोदी ने 70 साल से कश्मीर के विकास पर ग्रहण लगाने वाले धारा 370 को हटाने वाले भारत के सभी सांसदों को धन्यवाद देने के आवाहन से पूरा स्टेडियम गूंज उठा।
अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में पाकिस्तान का नाम न लेते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने करारे प्रहार करते हुए कहा कि हमें आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़नी है। पूरी दुनिया जानती है कि  9/11, 26/11 के गुनाहगारों को किस देश ने छुपाया।ये ही  लोग आतंक को पाल रहे। अब ऐसे आतंकवाद के पालको को हर हाल में बेनकाब करना होगा। तभी विश्व में अमन चैन स्थापित हो सकती है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, की इस ऐतिहासिक 7दिवसीय यात्रा की सफलता से भारतीय व अमेरिकी गदगद है। वहीं इस यात्रा की सफलता से पाकिस्तान परेशान हैे। भारत में प्रधानमंत्री व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की जुगलबंदी का जनता ने तहदिल से स्वागत किया। भारत की मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस मित्रता का स्वागत तो किया परन्तु प्रधानमंत्री द्वारा अमेरिका में राष्ट्रपति के अगले साल होने वाले आम चुनाव में वर्तमान राष्ट्रपति ट्रंप का खुला समर्थन करने को भारतीय विदेश नीति के खिलाफ बताया। कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा ने दो टूक शब्दों में प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि भारत की विदेश नीति रही कि किसी भी दूसरे देश के चुनाव में हस्तक्षेप नहीं करने का।
वहीं दूसरी तरफ 23 सितम्बर को भारत को अंग्रेजी व इंडिया की गुलामी से मुक्त कराने की मांग को लेकर 78माह से सत्याग्रह कर रहे भारतीय भाषा आंदोलनकारियों ने भारतीय भाषा आंदोलन के अध्यक्ष देवसिंह रावत के नेतृत्व में संसद की चैखट जंतर मंतर से प्रधानमंत्री कार्यालय तक पदयात्रा करके  प्रधानमंत्री कार्यालय में इस आशय का दो टूक ज्ञापन सोंपा। प्रधानमंत्री जी दशकों से आतंक से झुलस रहे भारत की रक्षा करने के लिए आपने,अमेरिका के साथ मिलकर   भारत सहित विश्व को तबाह करने को तुले आतंकवाद का समूल सफाया करने का सांझा संकल्प लिया उसके लिए भारतीय भाषा आंदोलन सहित पूरा देश आपको हार्दिक बधाई देता है। परन्तु प्रधानमंत्री जी भारतीय भाषा आंदोलन देश के हित में आपको यह भी स्मरण कराना चाहता है कि भारत के लिए आतंकवाद,अलगाववाद,जातिवाद,क्षेत्रवाद व भ्रष्टाचार से हजारों गुना अधिक घातक है अंग्रेजी व इंडिया की दासता। जिससे मुक्ति पाये बिना भारत न स्वतंत्र हो सकता है और नहीं भारत में लोकशाही का सूर्योदय ही हो सकता है।प्रधानमंत्री जी,आज रूस,चीन,जापान,फ्रांस,जर्मन,कोरिया,टर्की व इजराइल सहित विश्व के सभी स्वाभिमानी देश अपने नाम व अपनी भाषाओं में शिक्षा,रोजगार,न्याय,शासन संचालित करके विश्व में अपना परचम लहरा रहे है।ें परन्तु दुर्भाग्य से
भारत विरोधी ताकतों ने खौपनाक षडयंत्र के तहत ही 1947 में अंग्रेजों के भारत छोड़ने के बाद भी भारत को अंग्रेेजों का ही गुलाम बनाये रखने के लिए एक खौपनाक भारतद्रोही षडयंत्र के तहत ही भारत में शिक्षा, रोजगार, न्याय व शासन को भारतीय भाषाओं में प्रदान किये जाने के बजाय अंग्रेजों की ही भाषा अंग्रेजी का गुलाम 73सालों से बनाया हुआ है। इसी अंग्रेजी दासता के कारण भारतीय विश्वविद्यालयों में भारत विरोधी तत्वों व व्यवस्था में जातिवादी, क्षेत्रवादी व भ्रष्टाचारी तत्वों की भरमार सी हो गयी है।इसके कारण विदेशी आतंकवाद से अधिक घातक, देश में पनप रहे भ्रष्टाचारी व अलगाववादी तत्व हो गये है। इन तमाम भारत द्रोहियों पर अंकुश तभी लगेगा जब भारत में बलात थोपी गयी अंग्रेजी व इंडिया की गुलामी से मुक्ति पायी जायेगी।

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