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आज 10 करोड मतदाता कर कर रहे है मतदान ! कौन होगा पाकिस्तान का सरताज ?

आज 10 करोड मतदाता कर कर रहे है मतदान ! कौन होगा पाकिस्तान का सरताज ?

#इमरान_खान या #नवाज_परिवार या #आतंकी ?

  • #सेना के बाद अब आतंकियों के शिकंजे में जकडा #पाकिस्तान, #विश्व के लिए बनेगा सबसे बडा खतरा
    चुनाव #मतगणना के मामले मेें #पाकिस्तान ने पछाडा #भारत को
  • ( प्यारा उत्तराखण्ड डाट काम ) देवसिंह रावत-  25 जुलाई को पाकिस्तान के 10 करोड़ 59 लाख 55 हजार 407 मतदाता, चुनावी दंगल में उतरे 12,570 प्रत्याशियों के भाग्य के साथ यह फैसला भी करेंगे कि पाकिस्तान का सरताज इमरान खान, नवाज परिवार या आतंकी में से कौन होगा पाकिस्तान का सरताज यानी #प्रधानमंत्री। इस बार इंटरनेटी आंकलनों के अनुसार इमरान खाॅन देश के प्रधानमंत्री बनने की रेस में सबसे बडा खिलाड़ी माना जा रहा है। वेसे पाकिस्तान की राजनीति में सबसे ज्यादा दबदबा रखने वाली नवाज की पार्टी ने सेना पर इमरान के लिए काम करने का आरोप लगाया। वेसे पाकिस्तान के बारे में ऐसी धारणा जगजाहिर है कि पाकिस्तान में वही होता है जो सेना चाहती है। पाकिस्तानी सेना की मंषा के बिना पाकिस्तान में एक पत्ता भी नहीं हिल सकता है।

पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि किसी बडे घराने के बजाय आम आदमी की पार्टी यानी क्रिकेटर इमरान ने राजनीति में उतर कर स्थापित राजनैतिक घराने भुट्टो व षरीफ की चैधराहट को चुनौती देकर देष का सबसे बडी पार्टी बनाना पाकिस्तान में लोकशाही के प्रति लोगों के अंदर बढ रही उत्सुकता ही प्रदर्षित करती है। इसके साथ सबसे बडा खतरा यह भी दिखाई दे रहा है कि पाकिस्तान में आतंकी जिस प्रकार से चुनावी दंगल में उतरे है उससे साफ हो गया है कि अगर इन पर अंकुश नहीं लगाया गया तो कुछ ही सालों में पाकिस्तान में सेना के बूटों तले रौंदे जा रही पाकिस्तानी की लोकशाही की मर्माहित आत्मा देर सबेर आतंकियों के हाथों भी बंधक बन जायेगी। पाकिस्तानेी हुक्मरानों ने जिस प्रकार से पाकिस्तान को कटरपंथ की भट्टी में झोंका है उससे पाकिस्तान पूरे विश्व की शांति के लिए ग्रहण बन चूके है। पाकिस्तान को पूरा विश्व आतंक की फेक्टरी ही मान रहे है। अब आतंकी इतने बलवान हो गये है या जनता इतनी कटरपंथ में रत हो गयी है कि आतंकियों को लग रहा है कि जनता उन्हीं को पाकिस्तान का भाग्य विधाता बना सकती है। अगर पाकिस्तान की कमान देर सबेर आतंकियों के हाथों में आ गयी तो पूरे विश्व पर आतंक के बादल मंडराने लगेंगे।

पाकिस्तान में हो रहे इन आम चुनाव में मुख्य मुकाबला इमरान खांन की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ का नवाज शरीफ की अगुवाई वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के बीच माना जा रहा है। वहीं सत्ता पर आसीन रही भुट्टो परिवार की पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी इस बार तीसरे स्थान पर धकियाई जा चूकी है। वहीं आतंकी भी बडी संख्या में चुनावी जंग में उतरे है। आतंकियों की राजनीतिक पार्टी कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है। ये आतंकी दूसरे दलों के प्रत्याशी बन कर चुनावी दंगल में उतरे है। मुंबई आतंकी हमलों का मुख्य गुनाहगार हाफिज सईद की पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) के अलावा तहरीक ए लब्बैएक पाकिस्तान, अहल-ए- सुन्नत वाल जमात, मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल जैसे आतंकी व कटरपंथी चुनावी दंगल में उतरे है। पाकिस्तान में कुल 110 राजनीतिक पार्टियां में से 30 सक्रिय राजनैतिक दल के प्रत्याशी चुनावी दंगल में है। आतंकियों की बर्चस्व की जंग होने के कारण चुनावी अभियान भी रक्तरंजित हो गया है। 2 महीने तक चले चुनावी प्रचार अभियान में 3 प्रत्याषियों सहित 180 लोग चुनावी हिंसा में मारे जा चूके है।
पाकिस्तान में 25 जुलाई 2018 को पाकिस्तान की संसद की कुल 342 सीटों में से 272 सीटों पर सीधा मतदान हो रहा है। 70 सीटें आरक्षित है। 25 जुलाई को हो रहे इस आम चुनाव के साथ चार प्रांतीय विधानसभाओं (पंजाब, सिंघ, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की 577 सीटों ) के चुनाव को शांतिपूर्ण कराने के लिए अर्धसैनिक बलों के अलावा सेना के 3,71,000 जवान तैनात किए गये है।
इस चुनाव का सबसे रोचक पहलु यह भी है कि 85,000 मतदान केंद्रों पर मतदान सुबह आठ बजे से शुरू होकर शाम छह बजे तक चलेगी। मतदान केंद्रो पर ही मतदान समाप्त होने के बाद मतदान केन्द्रों पर ही मतगणना प्रारम्भ की जायेगी और मतदान के 24 घंटे के भीतर नतीजे घोषित किए जाएंगे। लोकषाही के नाम पर भारत से बेहद कमजोर पाकिस्तान ने मतगणना के मामले में भारत को पछाडते हुए मतदान के 24 घण्टे के अंदर ही परिणाम भी घोषित करने का कीर्तिमान स्थापित किया है। भारत में मतगणना के मामले में काफी लेट लतीफी देखी जाती है।
इसके साथ पाकिस्तानी चुनाव में एक अन्य कीर्तिमान स्थापित किया है कि ऐसे राजनेताओं को चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं है, जो पाकिस्तान में तीन बार प्रधानमंत्री बने हो। हालांकि पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज षरीफ भ्रश्टाचार के मामले में 10 साल की जेल सजा भोग रहे हैं और उन पर चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। पाकिस्तान के चुनाव में ऐसा दूसरा ही समय घटित हो रहा है कि जब निर्वाचित सरकार ही दूसरी निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंपी। क्योंकि पाकिस्तान बनने के 71 साल में से आधा समय यहां पर सेना ही सत्ता पर बलात काबिज रही।
पाकिस्तानी चुनाव आयोग का एक अच्छा नियम बना है कि किसी चुनावी क्षेत्र में 10 प्रतिशत से कम महिलाओं की भागीदारी होने पर वहां चुनावी प्रक्रिया रद्द की जायेगी। इससे महिला उम्मीदवारों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। इस बार संसद की 272 सीटों पर लगभग 171 महिला उम्मीदवार चुनावी दंगल में उतरी है।

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