दुनिया

इमरान को गिरफ्तार करने पर पहली बार  जनता ने दिखाई  पाक सेना को लोकशाही का आईना

इमरान की गिरफ्तारी के आक्रोश से तबाह हुआ पाकिस्तान!
 

पाक सेना से सीधे टक्कर लेने के दुशाहस करने के कारण गिरफ्तार हुये इमरान

प्यारा उतराखण्ड डाट काम

जैसे ही 9 मई 2023 को पाकिस्तान की अवाम को इस बात की खबर लगी कि पाकिस्तान सेना के ईशारे पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को हाई कोर्ट से बलपूर्वक गिरफ्तार कर दिया। तो वेसे ही पूरे पाकिस्तान में इमरान खान की राजनैतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ यानी पीटीआई के लाखों कार्यकर्ताओं सहित देश की आम अवाम विरोध में सडकों पर उतर कर सेना के खिलाफ प्रदर्शन करने को उतर गये। इस विरोध प्रदर्शन में लोगों का गुस्सा सातों आसमान को  छू रहा था। पाकिस्तान के 76 साल के इतिहास में पहली बार सत्ता पर सदा ही काबिज रहने वाली पाकिस्तानी सेना के खिलाफ पाकिस्तान की अवाम का ऐसा आक्रोश फूटा। जिसे देख कर पाकिस्तान की सर्वशक्तिमान सेना के भी होश उड गये। निहत्थे लोग पाकिस्तान सेना मुख्यालय, कोर कमांडर  जनरल के अवास, चुनाव आयोग, आकाशवाणी सहित दर्जनों सैन्य ठिकानों व सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाने लगे। इसी आक्रोश की भैंट चढा लाहौर में गर्वनर हाउस, जिसे लोकशाही के ध्वजवाहाकों ने  जला दिया। यही नहीं लोगों ने रावलपींडी स्थित सेना मुख्यालय में भी तोड फोड की। इस्लामाबाद, कराची, पेशावर सहित 5 दर्जन से अधिक  शहरों में लोगों ने ऐसा प्रचण्ड प्रदर्शन किया कि पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान स्तब्ध रह गया। सेना व पुलिस बल ने आक्रोशित लोगों को डराने के लिये कई जगह गोलीबारी भी की। परन्तु जनता मौत के भय को त्याग कर प्रधानमंत्री शरीफ, गृहमंत्री के आवासों सहित अनैक कार्यालयों की घेराबंदी कर चूकी। जनाक्रोश का दमन करने के लिये पाक शासकों के दंश से कई लोग मारे ?गये परन्तु इसके बाबजूद जनता का आक्रोश कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। शाह महमूद कुरेशी के अनुसार इमरान खान के सर व पेर पर भी डण्डे मारे गये। पेशावर सहित अनैक शहरों में लोग पुलिस व सेना के दमन के भय को दर किनारे करके मार्च निकाल रहे है। इमरान की गिरफ्तारी के विरोध में अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन सहित र्क देशों में पाकिस्तानी लोगों ने भारी प्रदर्शन किया।भले ही पाकिस्तान सरकार का कहना है कि इमरान खान की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के कारण हुई। परन्तु देश की आम अवाम सहित पूरा विश्व जानता है कि भ्रष्टाचार तो केवल बहाना है असली कारण इमरान खान का पाकिस्तान की सत्ता पर विगत 76 साल से काबिज रह कर लोकशाही का गला घोंटने वाली सेना से सीधा टकराव मोल लेने के कारण ही आननफानन में पाकिस्तान रैंजर द्वारा अलौकतांत्रिक ढंग से बलात गिरफ्तारी की गयी। जिस प्रकार इमरान खान का पाकिस्तान के सेना प्रमुख से छत्तीस का आंकडा चल रहा था और इमरान निरंतर सेना की कारगुजारियों को बेनकाब कर रहे थे। उसकी शिकायत सेना ने शरीफ सरकार से की। इसी के बाद सरकार ने तुरंत यह कदम  उठाया । इसमें बहाना बनाया भ्रष्टाचार को।
शासन ने इमरान की गिरफ्तारी के बाद फैल रहे विद्रोह को रौंदने के लिये इमरान की पार्टी के कई नेताओं को गिरफ्तार कर दिया। जिसमें पूर्व वित्त मंत्री असद उमर, पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, फवाद चौधरी, जशमेद इकबाल चीमा,
आमर चीमा, मल्लिका बुखारी सहित कई नेता है। हजारों कार्यकर्ता भी गिरफ्तार किए गए हैं सबसे हैरानी की बात है कि से सुरक्षा बलों द्वारा गोलियां चलाने के बाबजूद जनता का आक्रोश कम होने की बजाय निरंतर बढ़ रहा है।
इसके साथ सरकार ने पूरे पाकिस्तान में धारा 144 लगा दी। इंटरनेट, टवीटर, फेसबुक आदि इंटरनेटी माध्यम पर भी प्रतिबंध लगा दिया। इसके साथ सरकार ने देशभर के सभी विद्यालय अगले आदेश तक के लिये बंद कर दिये।
उल्लेखनीय है कि यह जगजाहिर था कि पाकिस्तानी शासक किसी भी बहाने हर हाल में इमरान को गिरफ्तार करने के लिये कमर कस चूकी थी। इसी दौरान 9 मई को जब इमरान इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में 2 मामलों में जमानत लेने पंहुचे थे। उसी दौरान पाकिस्तान रैंजर्स ने न्यायपालिका को धत्ता बता कर धावा बोल कर बलात इमरान खान को  गिरफ्तार कर दिया। यह गिरफ्तारी शासन ने अल कादिर यूनिवर्सिटी घोटाले के मामले में की। इसीलिये पाकिस्तान रैंजर ने गिरफ्तार करने के बाद इमनरान को एनएबी को सौंप दिया। इसके तहत उनकी सुरक्षा को देखते हुये इस्लाामाबाद पुलिस मुख्यालय में ही इस मामले की सुनवाई की जायेगी। पाकिस्तान के गृहमंत्री सनाउल्लाह राणा ने आरोप लगाया कि इमरान खान ने अपने प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान मलिक रियाज नामक व्यक्ति को मनी लाॅन्ड्रिग के घोटाले में फंसाया। इस मामले में आरोपी की अरबों रूपये की सम्पति जब्त की गयी। जिसके बाद ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध  एजेंसी ने पाकिस्तान सरकार को 1969 करोड रूपये भेजे। परन्तु इमरान ने इसकी जानकारी मंत्रीमंडल को नहीं दी। और इस वाापस आये धन का एक ट्रस्ट बनाया जिसका नाम अल कादिर  ट्रस्ट बनाया। इसमें एक विश्वविद्यालय बनायी जो धार्मिक शिक्षा देने का काम करती। परन्तु कई सालों बाद भी इस विश्वविद्यालय में केवल 32 छात्रों ने दाखिला लिया। ऐसा भी आरोप है कि इस विश्वविद्यालय के लिये जमीन भी मलिक रियाज ने दी। जमीन के साथ रियाज ने इमरान की पत्नी को हीरे की एक अंगूठी भी उपहार में दी। इस घोटाले के आरोपी इमरान, उसकी पत्नी बुशरा बीबी व बुशरा की दाोस्त फराह गोगी को बनाया गया। इस भ्रष्टाचार को तो बहाना बनाया गया।
असली मामला इसी सप्ताह इमरान खान द्वारा पाकिस्तान की खुफिया ऐजेन्सी के राजनैतिक शाखा  के प्रमुख फैसल नसीर पर अपनी हत्या का षडयंत्र करने का गंभीर आरोप लगाया।उन्होने कहा कि इस व्यक्ति का साथ सेना के कई अधिकारी साथ दे रहे है। वो हर हाल में इमरान की हत्या करना चाहते है। ऐसे संगीन आरोप लगाने के कारण पाकिस्तान की सेना को मजबूरन सरकार से इमरान खान पर अंकुश लगाने की शिकायत करनी पडी। जिसके दवाब में ही शासन ने आनन फानन में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान को गिरफ्तार किया। परन्तु इससे पाकिस्तान
की हालत बेहद खौपनाक हो गयी। पूरा देश सेना के खिलाफ सडकों पर उतर गया। लोग सेना मुख्यालय सहित सेना की छावनियों व कार्यालयों पर प्रदर्शन कर रहे है। पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार हुआ। इसके साथ इस घटना पर भारत, अमेरिका, चीन सहित सभी देश बहुत ही करीब से नजर रखे हुये है। अमेरिका का क्या रूख होगा। वह वेसे भी इमरान को फूटी आंख देखना नहीं चाहता। पाकिस्तानी सेना सदैव ही अमेरिका के नियंत्रण में रही। अब इमरान खान द्वारा अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान सेना व उसके आका अमेरिका से टकराव होने के कारण दोनों इमरान को हर हाल से पाकिस्तान की सत्ता से बेदखल करना चाहते थे। अमेरिका खासकर इमरान द्वारा अमेरिका को आंखें दिखाने के साथ चीन से गलबहियां  करने से बेहद नाखुश था। इसीलिये पाकिस्तान की सत्ता से सेना ने शरीफ व भुट्टो गठजोड करा कर इमरान को बेदखल किया। अब इमरान को भ्रष्टाचार के मामले में शिकंजा कस कर उसको पाकिस्तान की राजनीति से दूर करना चाह रहे है। यह षडयंत्र कहां तक सफल होगा। यह आने वाले दिनों में साफ हो जायेगा। पर यह निश्चित है कि इमरान ने पाकिस्तानी इतिहास में पाकिस्तान की सत्ता की सर्वशक्तिमान सेना को खुली चुनौती देने का साहस किया। जिससे पाकिस्तानी अवाम का सेना के प्रति दबा गुस्सा फूट गया। पाकिस्तानी अवाम इस बात से भी बेहद नाखुश है कि उसके पडोसी देश भारत में तो  लोकशाही संचालित होती है परन्तु पाकिस्तान में सेना पाकिस्तान की लोकशाही को रौंद रही है। इमरान का राजनैतिक भविष्य इस प्रकरण से समाप्ता हो या चमके। पर एक बात के लिये वह पाकिस्तान में जाने जायेंगे कि वह पहले  राजनेता रहे जिसने सेना को लोकशाही का आईना दिखाने का साहस किया और जनता को सेना  की तानाशाही के खिलाफ सडकों पर उतने का रास्ता दिखाया।  देखना यह है कि पाकिस्तानीसेना अपना दामन बचाने के लिये भारत  से युद्ध करने का दुशाहस करने का आत्मघातीकृत्य तो कर बेठे। अगर यह करेगी तो यह पाकिस्तान के लिये  ताबूत की आखिरी कील ही साबित होगी। कुल मिला कर पाकिस्तान बर्बादी के चैराहे पर ही खडा है।

About the author

pyarauttarakhand5