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भारत द्रोही आतंकी सरगना यासीन मलिक को न्यायालय ने सुनाई उम्र कैद व 10 लाख रु जुर्माने की सजा

तिहाड़ जेल की सातवीं बैरक में बंद हुए यासीन मलिक, बौखलाया पाकिस्तान, भारतीयों ने बांटी मिठाईयां 

प्यारा उत्तराखंड डॉट कॉम

जम्मू कश्मीर में आतंक के पर्याय रहे आतंकी नेता
“जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट” के प्रमुख यासीन मलिक को आज 25 मई 2022की मई की सायं काल को दिल्ली पटियाला कोर्ट की विशेष अदालत ने उम्र कैद व ₹1000000 जुर्माना की सजा सुनाई।
आतंकी सरगना यासीन मलिक को सजा सुनाने की बात जहां पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर राष्ट्रवादियों व पीड़ितों ने मिठाईयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया वहीं जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में यासीन मलिक की आवास के सामने आतंकी समर्थकों व सुरक्षा बलों के बीच तनातनी होने की भी खबरें हैं।
हालांकि यासीन मलिक को अपने खिलाफ सुनाई गई सजा को चुनौती देने का अवसर था परंतु वह अपने अपने अपराध की गंभीरता व खुद स्वीकारोक्ति को देखते हुए उसने यूएपीए की धारा 16 (आतंकवादी गतिविधि), 17 (आतंकवादी गतिवधि के लिए धन जुटाने), 18 (आतंकवादी कृत्य की साजिश रचने), व 20 (आतंकवादी समूह या संगठन का सदस्य होने) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) व 124-ए (देशद्रोह) के तहत खुद पर लगे आरोपों को चुनौती देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद यासीन मलिक को कड़ी सुरक्षा में तिहाड़ जेल भेजा गया ।

आतंकी यासीन मलिक को अपनी शेष जिंदगी जेल में ही काटनी पड़ेगी। अब उन्हें तिहाड़ जेल की 7वीं बैरक में कड़ी सुरक्षा इंतजाम के साथ रखा जाएगा। पाकिस्तान परस्त आतंकी सरगना यासीन मलिक को उसके 9 गुनाहों की सजा सुनाने से जहां जम्मू कश्मीर सहित देश के सभी देशभक्तों ने प्रसन्नता जाहिर की वही पाकिस्तान सहित अमन विरोधी तमाम लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय आतंकी गठजोड़ के खिलाफ कड़ा अंकुश लगाते हुए 30 मई 2017 को केस दर्ज किया था. इस मामले में यासीन मलिक सहित एक दर्जन के अधिक लोगों के खिलाफ 18 जनवरी 2018 को चार्जशीट फाइल की गई थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पाया कि पाकिस्तान के इस शह पर जेकेएलएफ, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों ने जम्मू कश्मीर में बड़े पैमाने पर आतंक का तांडव मचाया। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद आतंकी यस यासीन मलिक ने न्यायालय को बताया कि वह हर बार जब भी पुलिस प्रशासन ने आतंकी घटनाओं की जांच के लिए बुलाया वह हमेशा पर सुबह और उसने कभी असहयोग नहीं किया वह सरकार द्वारा लगाई गई तमाम आरोपों पर सफाई देने किया गुहार लगाने के बजाय न्यायालय किसी विवेक पर छोड़कर मुख दर्शक बना रहा।

आतंकी सरगना यासीन मलिक को सजा सुनाने के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आतंकी हमले की आशंका को लेकर सुरक्षा बल उच्च चौकशी बरत रहे हैं। पाकिस्तान परस्त कश्मीरी आतंकी सरगना यासीन मलिक को सजा मिलने पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, वहां की विपक्षी दलों सहित अनेक संगठनों ने जहां भारत भारत पर मानव अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए विश्व समुदाय को यासीन मलिक की सुरक्षा पर मंडराते खतरे को देखते हुए दवा बनाने की पुरजोर अपील की यासीन मलिक को भारत द्रोही गतिविधियों आतंकी गतिविधियों व हिंसक गतिविधियों के आरोपों में दिल्ली की पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत ने उम्र कैद व ₹1000000 जुर्माना की कड़ी सजा सुनाई । पहली बार आतंकी सरगना को जिसको पूर्व सरकारों ने हुर्रियत नेता के ओहदे से विशेष सुविधाएं प्रदान की थी अब वर्तमान मोदी सरकार ने कश्मीर में धारा 370 35a को हटाने के बाद कश्मीर मैं आतंक वादी गतिविधियों में लिप्त आतंकियों के खिलाफ जो कार्रवाई की उसी के तहत यासीन मलिक को भी गिरफ्तार करके उसके गुनाहों की सजा न्यायालय ने दी। यासीन मलिक कश्मीरी पंडितों के लिए एक खौफ का पर्याय बन चुका था वह खुद अनेक खबरिया चैनलों में यह स्वीकार कर चुका था कि उसने अनेक कश्मीरी पंडितों की निर्मम हत्या की। इस प्रकरण में अदालत द्वारा आतंकी सरगना यासीन मलिक को उम्र कैद की सजा व ₹1000000 जुर्माना की सजा सुनाने पर कश्मीर मैं आतंक से पीड़ित लोगों ने प्रसन्नता जाहिर की। जम्मू कश्मीर में विधानसभा परिसीमन के बाद होने वाली आम चुनाव से पहले कश्मीर में आतंकी सरगना यासीन मलिक को उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के बाद देखना है कि कश्मीर घाटी की राजनीति पर क्या असर पड़ता है। यासीन मलिक को सजा देने के बाद देखना है कि ब्रिटेन सहित पश्चिमी देश किस प्रकार से मानव अधिकार के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं। पाकिस्तान के साथ यासीन मलिक के संबंध काल्पनिक नहीं अपितु पाकिस्तानी आतंकियों के आप उनके गहरे संबंध जग जाहिर है यही नहीं यासीन मलिक की पत्नी भी पाकिस्तानी मुशाल है। यासीन मलिक को सजा सुनाने के बाद बौखलाये हुये पाकिस्तान की हर संभव कोशिश रहेगी कि वह  जम्मू कश्मीर  सहित भारत के अन्य क्षेत्रों में स्थित गुर्गों से आतंकी गतिविधियां तेज करें। इस आशंका को देखते हुए भारत सरकार ने कश्मीर क्षेत्र में सभी इंटरनेट सुविधाएं पर तत्काल रोक लगा दी है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

 

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