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देखिये उत्तराखंड मूल के महेंद्र सिंह धोनी का क्या है रिटायरमेंट प्लान ?

भारत ही नहीं अपितु विश्व के जानेमाने और हरफर मौला खिलाडी महेंद्र सिंह धौनी। जिनका नाम सुनकर गेंदबाज तोह क्या दूसरी टीमों की नींद की हवाइयां उड़ जाती थी। जब महेंद्र सिंह क्रीज में मौजूद हो और सामने कोई भी दिग्गज गेंदबाज और मैच के फाइनल ओवर चल रहे हो तोह गेंदबाज की पिटाई देखने का अलग ही मजा था। तब हेलीकाप्टर और उनके सोकर जैसे तेज शार्ट को हाथ लगाने की जुर्रत भी कोई फील्डर नहीं कर सकता था। फिर पुरे स्टेडियम में एक ही आवाज गूंजती थी। माही….. माही…… माही …… और सारे कॉमेंटेटर एक ही चीज बोलते थे देखो माही मार रह है. लेकिन अब यह आवाज ये शोर अंतर राष्ट्रीय खेलो में देखने को नहीं मिलेगा क्यूंकि हमारे सबके चहिते महेंद्र सिंह धोनी ने परसो अपने सन्यास का एलान कर दिया था।

मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं। उनका जैविक खेती से लगाव है और पहाड़ी खाना भी उन्हें पसंद है। कई लोगो का मानना है की धोनी का पहाड़ से प्रेम अनूठा है क्यूंकि वे अक्सर उत्तराखंड के फेमस फेमस टूरिस्ट स्पॉट पर नजर आते रहे है। चाहे उनका लास्ट ठंडियों में मसूरी का ट्रिप हो या कोई और इससे उनके फैन का मानना है की अब कि यदि धौनी उत्तराखंड आते हैं तो यहां न केवल जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पलायन को थामने में भी मदद मिलेगी। यदि वह उत्तराखंड में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए कोई कदम उठाते हैं, तो यह प्रदेश के लिए गौरव की बात होगी।

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के ल्वाली गांव के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी साक्षी धौनी का घर देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में है। चार जुलाई 2010 को उन्होंने देहरादून के ही एक रिजॉर्ट में शादी रचाई थी। वह देहरादून और मसूरी अकसर आते-जाते रहते हैं। यह बहुत कम लोग जानते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम में पदार्पण से पहले महेंद्र सिंह धौनी देहरादून के रेंजर्स मैदान पर होने वाले गोल्ड कप में भी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का जौहर दिखा चुके हैं।

महेंद्र सिंह धोनी का वो फाइनल वाला छक्का जो उन्होंने श्रीलंका के गेंदबाज कुलसेकरा पर मारा था। और भारत 1983 के बाद आईसीसी की ओडीआई सीरीज जीता था। महेंद्र सिंह धोने के जितने रिकॉर्ड में आपको गिनाऊंगा उन्टाना कम होगा। अब आने वाले आईपीएल में उनका एक अलग ही रूप दिखने को मिलेगा।

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