उत्तराखंड देश

गुरूग्राम व दिल्ली के साथ मुम्बई व सूरत से ही है अधिकांश उतराखण्ड घर लोटने वाले कोरोना संक्रमित

उतराखण्ड घरवापसी करने वालों की सीमा पर ही हो जांच और वहीं बने एकांतवाश शिविर:उच्च न्यायालय
उतराखण्ड में कोरोना पीडितों की संख्या 146

देहरादून(प्याउ)।  21 मई को कोरोना पीड़ितों की संख्या में हुए 16 पीड़ितों की इजाफा से उतराखण्ड में कोरोना पीडितों की संख्या 146 हो गयी है। वहीं प्रदेश शासन के देश  के विभिन्न शहरों से घर वापसी कर रहे उतराखण्डियों की जांच व एकांतवास शिविरों पर गहरा असंतोष प्रकट करते हुए उच्च न्यायालय ने सरकार को दो टूक आदेश दिया कि वह उतराखण्ड वापस लोट रहे लोगों की जांच व एकांतवाश शिविरों को सीमा के समीप ही व्यवस्था करें। उच्च न्यायालय ने सरकार को आदेश जारी करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के पर्वतीय व सीमांत जनपदों में कोरोना फैलने से रोक लगाई जा सकती है। उल्लेखनीय है कि उतराखण्ड शासन अब तक इन उतराखण्ड लौट रहे लोगों की उनके जनपदों में जांच कर उनके जनपद में ही एकांतवास कराया जाता। इससे अगर किसी को कोरोना होगा तो वह अपने जनपद तक इसको फैलायेगा। उच्च न्यायालय ने सरकार को सही आईना दिखाया।  सबसे चैकान्ने वाली बात यह है कि उतराखण्ड में घर लोटे लोगों में गुरूग्राम व दिल्ली से आये लोगों के कोरोना पीड़ितों की संख्या अधिक मिली।  उतराखण्ड में मई माह में उतराखण्ड लौटने वालों की संख्या करीब सवा लाख से अधिक बतायी जा रही है। उतराखण्ड में वापस लोटने के मुहिम के बाद छह दर्जन के करीब लोग कोरोना पीडित मिले। इनमें अधिकांश घर लोटने वाले है। इन घर वापस लोटे पीड़ितों में से आधे से अधिक पीड़ित गुरूग्राम व दिल्ली से लोटे लोग है। इसके बाद मुम्बई व सूरत के पीडित थे।
प्रदेश में कुल 16528 लोगों की जांच की गयी। उतराखण्ड में उपचार के बाद ठीक होने वाले लोगों की संख्या 54 हो गयी है। वहीं देहरादून में कोरोना पीड़ितों की संख्या 51 है। इनमें  से भी 30 पीड़ित स्वस्थ्य हो कर अपने घर लोट गये है।

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