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किसके दवाब या किस लालच में आतंकी पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने को लालायित है भारत?

क्रिकेट विश्व कप 2019 से आतंकी पाकिस्तान को बाहर कराने में क्यों असफल रहा भारत?

 

अमेरिका व रूस की तरह अपने देश के सम्मान व हितों की रक्षा के लिए विश्व स्तरीय  खेल का बहिष्कार करे भारत

 


आतंकी पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने के लिए उतारू देश के हुक्मरानों शर्म करो  देश के जांबाजों का अपमान बंद करो
 

नई दिल्ली से देवसिंह रावत
एक तरफ अमेरिका, फ्रांस व ब्रिट्रेन सुरक्षा परिषद सहित विश्व स्तर पर पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद, व उसके आका मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने में सफल रहा।  यही नहीं अमेरिका, फ्रांस व ब्रिटेन विश्व स्तर पर पाकिस्तान व उसके आतंकियों की बेशर्मी से ढाल बने चीन पर भी निरंतर दवाब बनाये हुए है।

परन्तु दुर्भाग्य यह है जिस भारत को पाकिस्तान व उसके आतंकी गूर्गे दशकों से निरंतर हमला करके तबाह करने को तुला है, उस आतंकी पाकिस्तान से तुरंत आतंकी देश घोषित कर उससे सभी संबंध तोडकर उस पर अंकुश लगाने का ठोस करने के बजाय आतंकी पाकिस्तान के साथ इंग्लेड में क्रिकेट विश्व कप 2019 मैच खेलने को उतावला हो रखा है।

आज 15 अप्रैल को भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने विश्व कप 2019 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के 15 खिलाडियों का ऐलान किया। इसमें विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, केएल राहुल, विजय शंकर, महेंद्र सिंह धोनी, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर, बुमराह, हार्दिका पांड्या, रवींद्र जडेजा, मो. शमी सम्मलित हैं। इसमें  रायडू और पंत को जगह नहीं मिली।
30 मई से प्रारम्भ हुए इस विश्व कप मैच में भारत का पाकिस्तान से पहला मैच 16जून को मैनचेस्टर के ओल्ड टैªर्फड में भारत व पाकिस्तान के बीच 3 बजे होना निश्चित हैं।
भारत को  अमेरिका व रूस जैसे देशों से सीख लेनी चाहिए कि  अपने देश के सम्मान व हितों की रक्षा के लिए कैसे  ओलम्पिक जैसे विश्व के सबसे बडे खेल का भी बहिष्कार किया जाना चाहिए था। परन्तु भारत ने न तो भारत को आतंक से तबाह करने वाले पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने व उससे सभी प्रकार का सम्बंध तोड़ने का काम किया। नहीं भारत ने विश्व क्रिकेट कप आयोजकों को आतंकी पाकिस्तान को इस भाईचारे की खेल प्रतियोगिता से बाहर करने की सलाह तक नहीं दी। इस कारण भारत की नासमझी के कारण आतंकी पाकिस्तान को विश्व समुदाय से अलग थलग करने का एक बडा अवसर गंवा दिया।
उल्लेखनीय है कि भारतीय हुक्मरान यह भूल गये कि इसी साल के प्रारम्भ में ही पाकिस्तानी आतंकी जैश ए मुहम्मद के आतंकियों ने पुलवामा में सीआरपीएफ के जांबाज काफिले पर आतंकी हमला किया। इस हमले में 40 जांबाज शहीद हुए। उसके बाद  भारत ने पाकिस्तान से सभी संबंध तोंडने की हुंकार भरी परन्तु न जाने किस द वाब व किस मोह में एक तरफ पाकिस्तान से वार्ता जारी रही वहीं पाकिस्तान के साथ विश्व कप मैच भी बेशर्मी से खेलेगा। पाकिस्तान ने भारत की संसद से लेकर, मुम्बई, दिल्ली, पठानकोट, पंजाब, उड़ी व पुलवामा सहित पूरे भारत को आतंकी हमलों से छलनी कर रहा है। परन्तु भारतीय हुक्मरानों के दिलो दिमाग में पाकिस्तान से मित्रता व क्रिकेट का भूत नहीं उतर रहा है। हमारे सैनिक हर दिन पाक से लगी सीमा पर देश की रक्षा के लिए अपनी शहादत दे रहे है परन्तु बेशर्म हुक्मरानों को तनिक सी भी शर्म नहीं। आखिर देश की सुरक्षा व सम्मान का दाव लगा कर आतंकी पाकिस्तान से क्रिकेट मैच क्यों खेला जा रहा है।
आखिर भारत ने  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संघ को दो टूक शब्दों में चेतावनी क्यों नहीं दे रहा है कि आतंकी को सभ्य दुनिया में कोई स्थान नहीं। किक्रेट व आतंकी एक साथ नहीं खेला जा सकता। पाकिस्तान विश्व शांति के लिए खतरा है। इसलिए पाकिस्तान को तब तक विश्व क्रिकेट में कोई प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए जब तक वह आतंक को नहीं छोडता है। आतंकियों का पोषण बंद नहीं करता। अगर विश्व क्रिकेट संघ भारत की मांग नहीं मानता है तो भारत को इस खेल का बहिष्कार कर देना चाहिए। आखिर देश की एकता व अखण्डता से बढकर कोई खेल नहीं है।
गौरतलब है कि विश्व क्रिकेट कप 2019 इसी साल 30 मई से 14 जुलाई 2019 के बीच 47 मैच इंग्लैण्ड में होंगे।
इसका शुभारंभ 30 मई गुरूवार को इंग्लेड व दक्षिण अफीका  के बी 3 बजे लंदन के  द ओवल स्टेडियम में प्रारम्भ हुआ।
31 मई को शुक्रबार को बेस्ट इंडिज व पाकिस्तान के बीच नटिंघम के टेªेटब्रिज में हुआ।
भारत का पहला मेच 5 जून को दक्षिण अफ्रीका के बीच  साउथ म्पटन के हैम्पशायर बाउल में होगा।
16जून को मैनचेस्टर के ओल्ड टैªर्फड में भारत व पाकिस्तान के बीच 3 बजे होना निश्चित हैं।
6 जुलाई तक लींग मैच होंगे। 9 जुलाई को पहला सेमीफाइनल पहला व चैथे स्थान पर विजयी रही टीमों के बीच मेनचेस्टर के ओल्उ टैªर्फड में तीन बजे से होगा।
11 जुलाई को को दूसरा सेमीफाइनल दूसरे व तीसरे स्थान पर विजयी रही टीमों के बीच में बर्मिघम के एजवेस्टन में तीन बजे से होगा। 14 जुलाई को फाइनल मैच लंदन के लाॅर्डस मेंदान में तीन बजे से होगा। देशवासियों को विश्वास था कि देश की सरकार विश्व क्रिकेट संघ से दो टूक शब्दों में कहते कि आतंक व क्रिकेट दोनों एक साथ नहीं चल सकती। आतंकीस्थान को क्रिकेट में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। भारत की जनता का सर तब ऊंचा होता जब भारत सरकार आज कहती कि इस विश्व कप में अगर पाकिस्तान होगा तो भारत इस खेल में सम्मलित नहीं हो सकता। हमारे लिए देश प्रथम है। विश्व के तमाम देश भी भारत के इस तर्क से सहमत है। इसी लिए अमेरिका, फ्रांस व ब्रिटेन ने पाकिस्तान के आतंकी संगठनों पर सुरक्षा परिषद  पर निरंतर द वाब डाल रहे है परन्तु जिस देश भारत को पाकिस्तान आतंक से तबाह कर रहा है भारत उस आतंक से संबंध तोडने के बजाय विश्व कप 2019 में मैच खेलने के लिए उतावला है। पूरा विश्व स्तब्ध है कि भारतीय हुक्मरानों को आखिर शर्म कब आयेगी? आखिर किसके दवाब व किस लोेभ में ये पाकिस्तान से क्रिकेट मैच खेलने के लिए उतावला है।

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