प्यारा उत्तराखंड डाट काम
आज दिनांक 14 जून रविवार को सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर मालवीय नगर अग्निकांड प्रकरण में गिरफ्तार उत्तराखंड के निवासी श्री केसर सिंह नेगी से संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच एवं विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड के विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उत्तराखंड लोक मंच के अध्यक्ष बृजमोहन उप्रेती के नेतृत्व में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।धरने की शुरुआत मालवीय नगर अग्निकांड में कालकलवित हुए मृतकों व सुप्रसिद्ध शूटर जसपाल सिंह राणा को श्रद्धांजलि देने से हुई।
धरने में मुख्य वक्ता लोक मंच के अध्यक्ष बृजमोहन उप्रेती, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी देव सिंह रावत, भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीश ममगांई, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत, धीरेन्द्र प्रताप, उकेडी से मेजर संतोष भंडारी, आशुतोष नेगी, एडवोकेट रोहित डंडरियाल,पत्रकार रमेश भट्ट, कार्यकर्ता चारू तिवारी,उत्तराखंड होटल संगठन के उपाध्यक्ष अमित कुमार, गढ़वाल हितैषिणी सभा के अध्यक्ष सूरत सिंह रावत व सुरेंद्र हालसी रहे । धरने में भारी संख्या में उत्तराखंड प्रवासियों ने भाग लि या। धरने का संचालन उत्तराखंड लोक मंच के महासचिव पवन कुमार मैठानी ने किया।
इस धरने में सिंधी समाज के वरिष्ठ नेता पूर्व दर्जा धारी मंत्री श्रीकांत भाटिया, भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सती, उक्रांद नेता प्रताप शाही, उक्रांद नेत्री अधिवक्ता रावत, राज्य आंदोलन कारी विनोद नेगी, वरिष्ठ पत्रकार व्योमेश जुगरान, दाता राम चमोली, कांग्रेस नेता डाक्टर बहुखड़ी , गजेंद्र चौहान, संजय चौहान आदि भी सम्मलित थे l
धरने में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर प्रकृति का है। ऐसे में यह आवश्यक है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संपादित की जाए। किसी भी व्यक्ति को दोषी अथवा निर्दोष ठहराने का अधिकार केवल न्यायालय को है, इसलिए जांच एजेंसियों द्वारा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पूर्ण पालन किया जाना चाहिए।
धरना-प्रदर्शन के माध्यम से भारत सरकार के माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया, जिसमें अनुरोध किया गया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए ताकि उक्त प्रकरण में किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह, बाहरी दबाव अथवा जनभावनाओं से प्रभावित हुए बिना निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके तथा सभी पक्षों को न्यायोचित अवसर प्रदान किया जाए।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी जांच एजेंसी के विरोध में नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को सुदृढ़ करने तथा प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण सुनवाई ही सत्य तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
धरना-प्रदर्शन में दिल्ली-एनसीआर स्थित उत्तराखंड के विभिन्न जनसरोकारों से संबंधित,
संगठनों के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रबुद्ध नागरिकों तथा बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने सहभागिता की।
