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दिल्ली नजफगढ़ की दामिनी को वर्षों से सर्वोच्च न्यायालय से न्याय न मिलने से आक्रोशित लोगों ने किया जंतर मंतर पर प्रदर्शन

 

दिल्ली की दामिनी के गुनाहगारों को हो चुकी है फांसी परंतु नजफगढ़ की दामिनी के गुनाहगारों को क्यों नहीं मिली अब तक सजा?

6 फरवरी 2022 नई दिल्ली से प्यारा उत्तराखंड डॉट कॉम

नजफगढ़ की दामिनी के गुनाहगारों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आज तक सजा न दिए जाने से आहत नजफगढ़ की दामिनी के माता पिता व परिजनों के साथ सैकड़ों लोगों ने संसद की चौखट जंतर मंतर पर त्वरित न्याय की आशा में मोमबत्ती जलाकर “नजफगढ़ की दामिनी के गुनाहगारों को, फांसी दो, फांसी दो” के गगनभेदी नारों लगाये।
आज सांय 5:00 बजे बड़ी संख्या में लोग जंतर मंतर पर नजफगढ़ की दामिनी को न्याय दो के बैनरों के साथ
राष्ट्रीय धरना स्थल पर एकत्रित हुए। इसका कार्यक्रम का आह्वान उत्तराखंड एकता मंच, उत्तराखंड लोक भाषा साहित्य व गढ़वाल हितेषी सभा सहित दिल्ली के अनेक सामाजिक संगठनों में संयुक्त रूप से किया था। सभा में सम्मलित सभी लोगों व वक्ताओं के दिलों दिमाग में एक ही प्रश्न था कि 9फरवरी 2012 को नजफगढ़ की दामिनी के साथ जघन्य कृत्य करने वाले गुनाहगारों को जिनको द्वारका कोर्ट व दिल्ली हाई कोर्ट 2014 फांसी की सजा सालों पहले दे चुकी है, उन गुनाहगारों को 2015 से सर्वोच्च न्यायालय से अभी न्याय क्यों नहीं मिला? जबकि इस कांड के बाद हुए दामिनी के गुनाहगारों को सर्वोच्च न्यायालय कई वर्ष पर पहले न्याय कर चुका है। दामिनी कांड के गुनाहगारों को फांसी भी वर्षों पहले हो चूकी है। परंतु नजफगढ़ की दामिनी के गुनाहगारों को सजा देने में दामिनी प्रकरण की तरह त्वरित कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय में नहीं हो रही है ?जिससे पीड़िता के परिजनों के साथ आम जनमानस में गहरी निराशा छाई हुई है।
इस प्रकरण पर इस मामले को देश की राजनीतिक पार्टियां महिला संगठन मजबूती से क्यों नहीं उठा रहे हैं।
वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि यहां गरीब,असहाय व आम आदमी को न्याय मिले इसके लिए व्यवस्था की कोई जवाबदेही नहीं है ।जब तक न्यायालयों में न्यायाधीशों की जवाबदेही व व्यवस्था की जवाबदेही स्थापित नहीं होगी, तब तक केवल न्याय के नाम पर धन पशुओं व प्रभावशाली लोगों के हाथ का खिलौना बन कर रह जाएगा और आम जनता मुजफ्फरनगर कांड व नजफगढ़ की दामिनी के परिजनों की तरह न्याय की आशा में दर-दर भटकता रहेगा। इसलिए आमजन को न्याय देने के लिए जरूरी है भारत में न्याय प्रणाली की, व्यवस्था की, तंत्र की और जवाबदेही और पारदर्शिता तय हो। इस अवसर पर सभी ने एक स्वर में नजफगढ़ की दामिनी की गुनाहगारों को तुरंत फांसी की सजा देने की पुरजोर मांग की। इस मोमबत्ती प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ सभी राजनीतिक दलों के लोगों व सामाजिक संगठनों के वरिष्ठ समाजसेवियों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर भाग लिया।

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