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चुनाव आयोग ने किया 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान, 11 दिसबंर को आएंगे नतीजे

  • चुनाव आयोग ने किया 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान, 11 दिसबंर को आएंगे नतीजे
  • चुनाव आयोग ने बजायी 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की रणभेरी
  • नवम्बर को 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव की 11 दिसम्बर मतगणना के परिणामोें का ऐलान
  • कांग्रेस ने उठाया चुनाव आयोग की चुनाव ऐलानी का समय बदलने पर प्रश्न
  • चुनाव की तारीखों का ऐलान छत्तीसगढ 12 न 20 नवम्बर , मध्य प्रदेश व मिजोरम में 28 नवम्बर , राजस्थान व तेलंगाना में 7 दिसम्बर

    नई दिल्ली (प्याउ)। चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर की सांय तीन बजे 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया। चुनाव आयोग के अनुसार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, राजस्थान, मिजोरम व तेलंगाना विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की। चुनाव की तारीखों का ऐलान छत्तीसगढ 12 न 20 नवम्बर , मध्य प्रदेश व मिजोरम में 28 नवम्बर , राजस्थान व तेलंगाना में 7 दिसम्बर को होगी। नवम्बर को 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव की 11दिसम्बर को मतगणना के परिणामोें का ऐलान कर दिया जाएगा ।

    गौरतलब है भले ही चुनाव आयोग ने 5 राज्यों की विधानसभा के चुनावों की रणभेरी आज बजा दी परन्तु रणभेरी बजाते ही इसकी तारीखों का ऐलान करने के अपने तय समय 6 अक्टूबर की दोपहर 12.30 बजे को बदल कर 3 बजे करने के कारण विवाद खडा हो गया। विपक्षी दल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाया कि यह बदलाव सत्तारूढ दल के दवाब में किया गया। कांग्रेस के प्रवक्ता सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि जब चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रंेस का समय 12.30 बजे तक किया था। तब चुनाव आयोग ने आनन फानन में यकायक 3 बजे क्यों किया। सुरजेवाला ने दो टूक आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी की 1.30 बजे की अजमेर की रेली को देखते हुए यह बदलाव किया गया। इससे साफ है चुनाव आयोग ने सत्तासीन पार्टी के दवाब में यह बदलाव किया। अगर चुनाव आयोग 12.30 बजे चुनाव ऐलान कर देता तो प्रधानमंत्री 1.30 बजे अजमेर में अपनी चुनावी रैली नहीं कर पाते। क्योंकि प्रधानमंत्री यहां पर लोक लुभावनी घोषणायें करेंगे जो आदर्श चुनाव संहिता के खिलाफ होती। इसी घोषणाओं को कराने के लिए चुनाव आयोग ने अपने ऐलान का समय बदला।
    उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे बड़े राज्यों में भाजपा का 15 साल से शासन है। वहीं राजस्थान में भी भाजपा सत्तारूढ है। मिजोरम में कांग्रेस का राज है जहां भाजपा कांग्रेस को पटकनी देने के लिए कमर कसे हुए है। वहीं कांग्रेस मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ व राजस्थान में भाजपा को पटकनी देने के लिए दिन रात एक किये हुए है। जबकि तेलंगाना में समय से पूर्व विधानसभा चुनाव कराकर तेलांगना राष्ट्र समिति के प्रमुख चंद्रशेखर राव ने यहां पर मुख्य विरोधी कांग्रेस को भी एक प्रकार से मात दे दी है।
    देखना है लोकसभा चुनाव 2019 से पहले होने वाले इन 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में जनता क्या निर्णय लेती है। पर इतना तय है इन विधानसभा चुनावों में विपक्षी महागठबंधन के साथ सत्तारूढ भाजपा का अभेद कवच की पोल खुल जायेगी।

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