
केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने खिलाड़ियों से दबाव को प्रदर्शन में बदलने, प्रतिद्वंद्वियों को अवसर के रूप में देखने और अवसर को उपलब्धि में बदलने का आह्वान किया
एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय दल को आज नई दिल्ली में भव्य विदाई दी गई। इस अवसर पर केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया उपस्थित थे।
डॉ. मनसुख मांडविया ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष डॉ. पी.टी. उषा, खेल सचिव हरि रंजन राव और दल प्रमुख सहदेव यादव के साथ, खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ की उपस्थिति में एशियाई खेलों से पहले भारतीय दल की आधिकारिक जर्सी का अनावरण किया।

इस अवसर पर डॉ. मांडविया ने भारतीय खिलाड़ियों से दबाव को प्रदर्शन में बदलने, प्रतिद्वंद्वियों को अवसर के रूप में देखने और अवसरों को उपलब्धियों में बदलने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा दल एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करेगा और देश का गौरव बढ़ाएगा।”

उन्होंने भारतीय दल के प्रदर्शन पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, “खेल एक ऐसा क्षेत्र है, जहां सफलता केवल खिलाड़ी के लिए ही गर्व का विषय नहीं होती—खिलाड़ी की सफलता राष्ट्र की सफलता होती है। आज हमारा 503 सदस्यीय दल एशियाई खेलों में भाग लेने जा रहा है और मुझे पूरा विश्वास है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।”
विजयी भव!
Asian Games 2026 में जा रहे हमारे चैंपियंस को पूरे देश की तरफ से ढेरों शुभकामनाएँ। pic.twitter.com/4EMnZd0k4l
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) September 8, 2026
भारतीय खेलों में बढ़ती प्रतिभा और युवा खिलाड़ियों के उभरने को उजागर करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा, “हमारे 503 खिलाड़ियों में से 300 से अधिक खिलाड़ी पहली बार एशियाई खेलों में भाग ले रहे हैं। इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।”

ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के प्रदर्शन की सराहना करते हुए केन्द्रीय खेल मंत्री ने कहा, “हमने खुले ट्रायल, स्वतंत्र पर्यवेक्षकों और कैमरा निगरानी के माध्यम से पारदर्शी और योग्यता-आधारित चयन सुनिश्चित किया है। पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण पदक जीते थे; इस बार हमारे पदकों की संख्या में 35 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। मैं अपने सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को शुभकामनाएं देता हूं।”
भारतीय खेलों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि सरकार ने खिलाड़ियों के लिए वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के नए अवसर और मार्ग खोले हैं।

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 2036 है—जब तक हम ओलंपिक की मेजबानी करेंगे, तब तक हमें 2036 तक विश्व मंच पर मजबूती से अपनी जगह बना लेनी है। यह 10 वर्ष की योजना है, जिसके तहत खेल अवसंरचना में सुधार के लिए 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है।”
इस अवसर पर डॉ. पी.टी. उषा ने कहा, “खेल की यात्रा केवल पदकों से नहीं, बल्कि सपनों से मापी जाती है। हम भारत के प्रतिनिधि के रूप में यात्रा कर रहे हैं। यह हमारे लिए जिम्मेदारी भी है और सौभाग्य भी। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की ओर से मैं माननीय प्रधानमंत्री और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त करना चाहती हूं।”

एशियाई खेल 2026 में भारतीय दल जापान में विभिन्न खेलों में प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेगा। 503 सदस्यीय भारतीय दल में खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ शामिल हैं। इनमें 300 से अधिक खिलाड़ी पहली बार एशियाई खेलों में भाग लेने जा रहे हैं, जो भारतीय खेलों में बढ़ती प्रतिभा और मजबूत बेंच स्ट्रेंथ को रेखांकित करता है।
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