
खान मंत्रालय ने ‘ई-कचरा संग्रहण अभियान’ विषय पर विशेष अभियान 5.0 के तहत महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं
खान मंत्रालय ने 2 अक्टूबर 2025 को शुरू किए गए विशेष अभियान 5.0 के तहत, अभियान के पहले पखवाड़े में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। विशेष थीम ‘ई-कचरा संग्रहण अभियान’ के साथ, मंत्रालय स्थिरता, स्वच्छता और ज़िम्मेदार संसाधन प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मज़बूत कर रहा है।
पुराने मोबाइल, चार्जर, बैटरी या टीवी… ये सब ‘कबाड़’ नहीं बल्कि ई-कचरा हैं, जो अगर सही तरीके से निपटाए न जाएँ तो हमारी धरती, पानी और हवा को ज़हर बना सकते हैं। यही ज़हर धीरे-धीरे हमारे शरीर और प्रकृति दोनों को नुकसान पहुँचाता है।
लेकिन अब चिंता की बात नहीं!
JNARDDC के Special Campaign 5.0 के तहत शुरू हुई E-Waste Collection Drive में आप अपने पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सही तरीके से जमा कर सकते हैं।
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विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत, मंत्रालय ने 292 स्थानों के लक्ष्य के विरुद्ध देश भर में 290 स्वच्छता अभियान चलाए हैं, जो स्वच्छता और स्वस्थ पर्यावरण को बढ़ावा देने की दिशा में इसके सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है। कुशल अभिलेख प्रबंधन और अप्रचलित सामग्रियों व फाइलों के निपटान के माध्यम से, कुल 13283 वर्ग फुट कार्यालय स्थान मुक्त कराया गया है। जवाहरलाल नेहरू एल्युमीनियम अनुसंधान विकास एवं डिजाइन केंद्र (JNARDDC) द्वारा समन्वित एक घरेलू ई-कचरा पुनर्चक्रण अभियान, देश भर के 58 स्थानों पर चलाया जा रहा है, जिसके तहत कुल 702.55 किलोग्राम ई-कचरा एकत्र किया गया और ₹4.5 लाख की राशि वितरित की गई। इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों और सहयोगी संगठनों के बीच जिम्मेदार ई-कचरा निपटान और पुनर्चक्रण के बारे में जागरूकता बढ़ाना और स्थायी प्रथाओं को बढ़ावा देना है।
खान मंत्रालय के अंतर्गत कई संगठनों ने रचनात्मकता और सामुदायिक सहभागिता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नवोन्मेषी गतिविधियां और स्थायी पहल की हैं। मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (एमईसीएल) ने धातु के कबाड़ का उपयोग करके एक साइकिल, जिराफ़ और एक औज़ारों के स्टैंड का वेस्ट-टू-आर्ट मॉडल बनाया है, जो कलात्मक पुनर्चक्रण और रचनात्मक पुन: उपयोग को दर्शाता है। आईबीएम ने अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग करके कार्यालय के बगीचे और रास्ते को सुंदर बनाया है। इसके अलावा, भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) ने तेलंगाना के देवापुर चूना पत्थर खदान में कबाड़ और अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग करके नवोन्मेषी कलाकृतियाँ स्थापित कीं और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देते हुए मोराद के एक सरकारी स्कूल में एक खाद गड्ढा बनाया। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों के लिए एक निःशुल्क चिकित्सा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया, जिससे स्वास्थ्य और कल्याण पर अभियान के फोकस को बल मिला।
इन पहलों के माध्यम से, पहले दो हफ़्तों में खान मंत्रालय स्वच्छता, कुशल अपशिष्ट प्रबंधन और स्थिरता को बढ़ावा देना जारी रखेगा। विशेष अभियान 5.0 के तहत चल रहे प्रयास स्वच्छ पर्यावरण, नवीन पुनर्चक्रण और एक चक्रीय अर्थव्यवस्था दृष्टिकोण के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं – जो कचरे को मूल्यवान संसाधनों और कला में परिवर्तित करता है।
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