दुनिया देश

ईरान युद्ध के कारण ईंधन, गैस व कच्चे तेल की आपूर्ति में आ रहे विश्व व्यापी संकट से निपटने में लगी है सरकार

आज 12मार्च 2026को लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ईरान युद्ध के कारण ईंधन, गैस व कच्चे तेल की आपूर्ति में आ रहे विश्व व्यापी संकट से निपटने में लगी भारत सरकार की तरफ से देश को भरोसा दिलाया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि भारत के 33 करोड़ से अधिक परिवारों के, विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग के, रसोई में किसी प्रकार की कमी न हो। घरेलू आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और डिलीवरी चक्र अपरिवर्तित है।

भारत इतिहास की सबसे गंभीर वैश्विक ऊर्जा व्यवधान स्थिति से गुजर रहा है। कच्चे तेल की आपूर्ति जारी है। गैस घरों और खेतों के लिए प्राथमिकता है। एलपीजी उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ाया गया है। उपभोक्ता मूल्य बाजार और क्षेत्रीय तुलनाओं की अपेक्षा कहीं कम रखे गए हैं। विद्यालय खुले हैं। पेट्रोल पंप पर उपलब्ध है। राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना प्रत्येक नागरिक की इसमें हिस्सेदारी है। भारत को अपने ऊर्जा योद्धाओं के पीछे, इस संकट का प्रबंधन करने वाली संस्थाओं के पीछे और राष्ट्रीय हित के पीछे एकजुट रहना चाहिए।
मॉडर्न एनर्जी इतिहास में विश्व ने इस प्रकार के संकट का सामना पहले कभी नहीं किया।

इतिहास में पहली बार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावसायिक जहाजरानी के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है। यद्यपि भारत की इस संघर्ष को उत्पन्न करने में कोई भूमिका नहीं है, किंतु अनेक देशों की भाँति भारत को भी इसके परिणामों से निपटना है।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने लोकसभा में संबोधन में बताया कि भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति स्थिति सुरक्षित है और सुरक्षित किए गए आयतन हॉर्मुज मार्ग से प्राप्त होने वाली मात्रा से अधिक हैं। प्रधानमंत्री @narendramodi की असाधारण कूटनीतिक पहुँच और सद्भावना के कारण, भारत ने उस अवधि में अवरुद्ध जलडमरूमध्य मार्ग से प्राप्त होने वाली मात्रा से अधिक कच्चे तेल की व्यवस्था की है।

गैर-हॉर्मुज स्रोतों से आपूर्ति बढ़कर कच्चे तेल के आयात का लगभग 70% हो गई है, जो संकट से पहले 55% थी।

यह उल्लेखनीय है कि भारत पहले अपनी #LPG आवश्यकताओं का लगभग 60% आयात खाड़ी देशों- कतर, यूएई, सऊदी अरब और कुवैत से करता था, जबकि 40% घरेलू स्तर पर उत्पादित होता है। अब आपूर्ति को सक्रिय रूप से विविधीकृत किया गया है और खाड़ी देशों के अतिरिक्त अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से भी कार्गो सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने लोकसभा में संबोधन में बताया कि 8 मार्च 2026 को जारी LPG नियंत्रण आदेश के तहत सभी रिफाइनरियों को LPG उत्पादन अधिकतम करने और C3 तथा C4 हाइड्रोकार्बन धाराओं- प्रोपेन, ब्यूटेन, प्रोपिलीन और ब्यूटीन्स के पूरे उत्पादन को विशेष रूप से घरेलू रसोई गैस के लिए तीन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले 5 दिनों में रिफाइनरी निर्देशों के माध्यम से LPG उत्पादन में 28% की वृद्धि हुई है और अतिरिक्त आयात की प्रक्रिया भी सक्रिय रूप से जारी है।

सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि भारत के 33 करोड़ से अधिक परिवारों, विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग के रसोईघरों में किसी भी प्रकार की कमी न हो। घरेलू आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और डिलीवरी चक्र में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग से डिलीवरी तक का औसत समय 2.5 दिन है, जो पहले की तरह ही बना हुआ है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को निरंतर प्राथमिकता आपूर्ति की श्रेणी में रखा गया है और उनकी LPG उपलब्धता पूरी तरह सुनिश्चित की गई है।

About the author

pyarauttarakhand5