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छोटे लालू के रूप में उभर रहे हैं 5400 करोड़ के राशन घोटाले के बाद अब अरविन्द केजरीवाल- मनोज तिवारी

दिल्ली में गत 3 वर्ष में 5400 करोड़ का राशन घोटाला में सतेन्द्र जैन एवं इमरान हुसैन की बड़ी भूमिका है

 
केजरीवाल सरकार में हुए 5400 करोड़ के राशन घोटाले के खिलाफ 5 अप्रैल को विधानसभा पर प्रदर्शन करेगी भाजपा

 

नई दिल्ली (प्याउ)। दिल्ली में गत तीन सालों में 5400 करोड़ के राशन घोटाले के बाद अब  छोटे लालू के रूप में उभर रहे हैं अरविन्द केजरीवाल। यह दो टूक आरोप लगाया  4 अप्रैल को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, सांसद श्रीमती मीनाक्षी लेखी, रमेश बिधूड़ी, प्रवेश वर्मा एवं विधायक सरदार मंजिन्दर सिंह सिरसा ने  एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये लगाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल सरकार अब निश्चित रूप से लालू यादव को अपना आदर्श मानते हैं। सी.ए.जी. रिपोर्ट ने यह स्थापित कर दिया है कि अरविंद केजरीवाल सरकार घोटालेबाजी की सरकार है और इस सरकार के भ्रष्टाचार को जनता के बीच उजागर करने के लिये दिल्ली भाजपा कल 5 अप्रैल को दोपहर 12 बजे दिल्ली विधानसभा पर प्रदर्शन करेगी।

श्री तिवारी ने कहा कि 5 अप्रैल को विधानसभा में प्रस्तुत सी.ए.जी. रिपोर्ट में यूं तो अरविन्द केजरीवाल सरकार के खाद्य आपूर्ति विभाग, शिक्षा निदेशालय, स्वास्थ्य विभाग, आयुष, डी.टी.सी. में धांधली के मामले सामने आये हैं पर इस बार एक नया मामला यह भी आया है कि केजरीवाल सरकार अपना राजस्व वसूलने में भी असफल रही है, व्यापार एवं कर विभाग में भारी धांधली चल रही है जिसके चलते अकेले 2016-17 में 653 करोड़ रूपये की हेराफेरी हुई है।

श्री तिवारी ने कहा कि जिस तरह बिहार में लालू यादव ने चारा घोटाले में फर्जी वाहनों का उपयोग दिखाया था बिलकुल उसी तर्ज पर आज अरविन्द केजरीवाल सरकार फर्जी वाहनों से राशन सप्लाई घोटाला करती दिख रही है और यह कहना अतिश्योक्ति न होगी कि अरविन्द केजरीवाल अब छोटे लालू के रूप में उभर रहे हैं।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2015 में सत्ता में आई अरविन्द केजरीवाल सरकार गत दिसम्बर 2017 तक राशन के मुद्दे पर मूक दर्शक बनी थी जबकि दिल्ली में राशन वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद राशन दुकानों पर बायोमेट्रिक मशीनें लगाने की शुरूआत हुई।  नकली राशन कार्ड रद्द होने लगे, इसके तुरन्त बाद पिछले तीन महीने से दिल्ली में डोर स्टेप राशन सप्लाई के नाम पर केजरीवाल सरकार ने हर स्तर पर टकराव की नीति अपनाई हुई है।

श्री तिवारी ने कहा कि सच यह है कि केजरीवाल सरकार एवं राशन माफियाओं की सांठगांठ के चलते राशन तो केन्द्र के गोदामों से ही माफिया ने उठाया और निचले स्तर पर राशन की सप्लाई दुकानों को दिखाने के लिए नकली वाहन नम्बरों के आधार पर कागजी कार्रवाई पूरी कर दी गई।  यह वह राशन है जो दिल्ली के 4 लाख से अधिक नकली राशन कार्डों के माध्यम से लूटा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली को राशन सप्लाई केन्द्र सरकार से मिलती है और उसकी राशन दुकानों तक ढुलाई एवं सप्लाई राज्य सरकार के डी.एस.आई.आई.डी.सी. विभाग का दायित्व है और सी.ए.जी. जांच में सामने आया है कि दिल्ली में राशन की बोरियों की ढुलाई कागजों में मोटर साइकिल एवं स्कूटरों पर हो रही है। बिना मंत्रियों के संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है।
सांसद श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने कहा कि जब पूर्व मंत्री संदीप कुमार का राशन कार्ड से जुड़ा मामला सामने आया था उस वक्त उसे एक व्याभिचार का मामला माना गया पर सच यह है कि केजरीवाल सरकार में उस वक्त भी फर्जी राशन कार्ड बनाने का खेल चल रहा था। उन्होंने कहा कि यह सामने आया है कि दिल्ली में अनेक ऐसे परिवारों के समान नाम हैं जिन पर 15-20 से लेकर 100 से 125 तक राशन कार्ड बने हैं। इसी के साथ हमारी जानकारी में आया है कि ए.पी.एल. एवं बी.पी.एल. दोनों तरीके के राशनकार्डों में बड़ी संख्या में फर्जी राशन कार्ड बने हुये हैं। भाजपा लगातार मांग करती रही है कि राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ा जाये यदि ऐसा कर दिया जाये तो फर्जीवाड़े की गुंजाइश बहुत कम हो जायेगी, पर केजरीवाल सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा जैसे ही दिल्ली में नकली राशन कार्ड रद्द होने लगे तो केजरीवाल सरकार ने राशन सप्लाई के नाम पर हाहाकार मनाना शुरू कर दिया क्योंकि सरकार को ऐहसास हो गया था कि अब उसकी कारगुजारियां पकड़ी जाने वाली हैं और सरकार ने डोर स्टेप राशन सप्लाई का नया खेल रचा क्योंकि इसमें आपने कितना राशन किसे दिया इसका कोई चैक नहीं रहेगा।

श्रीमती लेखी ने कहा कि जो सरकार राशन घोटाले को दबाने के लिए फर्जी वाहनों के नम्बर दर्ज कर राशन ढुलाई के कागज पूरे कर सकती है उसकी डोर स्टेप राशन सप्लाई कैसी होगी इसका अंदाज दिल्ली भलीभांति लगा सकती है। हमें यह भी समझना होगा कि आज तो केजरीवाल सरकार का राशन घोटाला सी.ए.जी. आॅडिट से पकड़ा गया पर जब डोर स्टेप सप्लाई के अंतर्गत यह काम निजी क्षेत्र में चला जायेगा तो उसका कोई सी.ए.जी. आॅडिट भी नहीं हो पायेगा।

सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा कि आज जो घोटाले सामने आये हैं वह किसी राजनीतिक दल के आरोप नहीं हैं जिन्हें अरविंद केजरीवाल नकार दें, यह सी.ए.जी. का आॅडिट है और इसकी जिम्मेदारी सीधे-सीधे सरकार और उसके मंत्रियों की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक राशन माफिया काम कर रहा है जिसको केजरीवाल सरकार का संरक्षण प्राप्त है और इसकी जांच आवश्यक है।
श्री बिधूड़ी ने कहा कि    दिल्ली अचंभित है कि सरकारी सब्सिडी का लाभ बैंक खाते में देने की सुविधा होने के बाद भी आखिर क्यों अरविन्द केजरीवाल सरकार डोर स्टेप राशन सप्लाई पर इतनी जिद पकड़ रहे हैं जिसमें धांधली की पूरी गुंजाइस है और कल सामने आई सी.ए.जी. रिपोर्ट ने इसकी पोल खोल दी है क्योंकि केजरीवाल ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं करेगी, जिसमें पारदर्शिता हो।

सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि जिस तरह राशन घोटाला सामने आ रहा है उसे देखकर लगता है कि गत 3 वर्ष में 5400 करोड़ से अधिक की हेराफेरी हुई है, जिसमें मुख्यमंत्री के अलावा मंत्री सतेन्द्र जैन एवं इमरान हुसैन की बड़ी भूमिका है और किसी भी निष्पक्ष जांच के लिये यह आवश्यक है कि ये दोनों मंत्री अपने पद से इस्तीफा दें।

सांसद श्री वर्मा ने कहा कि सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की एक सूक्ष्म जांच भी यह स्थापित कर देगी कि गत 3 वर्ष में दिल्ली की अधिकतर राशन दुकाने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के हाथ में पहुंच चुकी हैं और वह फर्जी राशनकार्डों के माध्यम से घोटाले चला रहे हैं।

सरदार मंजिन्दर सिंह सिरसा ने कहा कि गत 3 साल में केजरीवाल सरकार ने लोकलेखा समिति की एक भी बैठक नहीं की है। सी.ए.जी. की रिपोर्ट को विधानसभा में रखना संविधानिक रूप से आवश्यक है और अपनी पोल खुलने के डर से सरकार ने इस पर कोई पूर्व घोषणा नहीं की और शोर-शराबे के बीच रखकर मामले की दबाने की कोशिश की पर भाजपा विधायक दल की जागरूकता के कारण दबा नहीं सकी। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर यह भ्रष्टाचार हो रहा है वहीं दूसरी ओर केजरीवाल सरकार ने 2206 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट इसी वर्ष सरेंडर कर दिल्ली को विकास से वंचित किया है।

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