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चतुर्थ वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत बकाया राशि 9125 करोड़ रु- जारी करने के लिए पू दि नि पार्षदों ने दिया सचिवालय पर धरना

केजरीवाल अविलम्ब चतुर्थ वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत बकाया वर्तमान राशि 9125 करोड़ रुपए जारी करें
मंत्री सतेन्द्र जैन पूर्वी दिल्ली नगर निगम का बकाया फंड एवं चैथे वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप फंड देने से किया इंकार

नई दिल्ली।   चतुर्थ वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत बकाया राशि 9125 करोड़ रुपए को तुरंत जारी करने की मांग को लेकर पूर्वी दिल्ली नगर निगम के पार्षदों ने 12 मार्च को दिल्ली सचिवालय पर धरना दिया और तत्पश्चात दिल्ली सरकार के मंत्री सतेन्द्र जैन को ज्ञापन देकर अविलंब फंड भुगतान की मांग की।

धरने का नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री  कुलजीत सिंह चहल ने एवं संचालन पूर्वी दिल्ली नगर निगम के नेता सदन श्री संतोष पाल ने किया। धरने के बाद एक लिखित ज्ञापन के माध्यम से महापौर श्रीमती नीमा भगत ने दिल्ली सरकार से बकाया राशि तुरंत जारी करने की मांग की।

कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि मंत्री सतेन्द्र जैन ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन लेने के बाद फंड देने से मना कर दिया। दिल्ली सरकार के मंत्री से मिलने के बाद श्री चहल ने कहा कि एक ओर केजरीवाल सरकार मुद्दों को सुलझाने के लिये सर्वदलीय बैठक की मांग करती है और दूसरी ओर अपनी नगर निगमों के प्रति अपनी जिम्मेदारी से भागती है। यह इस सरकार के दोहरे चरित्र का प्रमाण है। पहले शीला दीक्षित सरकार और अब अरविंद केजरीवाल सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते नगर निगम को विफल करने के प्रयास करती है।

धरने पर बैठे निगम पार्षदों को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री श्री कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के निगमों के खजाने को खाली रख कर दिल्ली के विकास को ठप कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि वित्तीय संकट से उबारने के लिए दिल्ली सरकार पूर्वी दिल्ली नगर निगम के हक का पैसा भी नहीं दे रही है।

श्री कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि केजरीवाल विकास के मुद्दे पर राजनीति करने से बाज आएं।  उन्होंने मांग की कि केजरीवाल अविलम्ब चतुर्थ वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत बकाया वर्तमान राशि 9125 करोड़ रुपए जारी करें, साथ ही पांचवें वित्त आयोग की रिपोर्ट को भी लागू करें, ताकि पूर्वी दिल्ली क्षेत्र का विकास हो सके और निगम कर्मचारियों को उनका वेतन व अन्य बकाया राशि का भुगतान किया जा सके।

धरने पर बैठी पूर्वी दिल्ली नगर निगम की महापौर श्रीमती नीमा भगत ने कहा कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम को प्रतिमाह वेतन, पेंशन व अन्य मदों पर वार्षिक 1800 करोड़ रुपए की आवश्यकता होती है। इसके अलावा कर्मचारियों की बकाया राशि लगभग 1500 करोड़ रुपए है।  जुलाई 2015 के बाद से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अभी तक अंतिम लाभ का भुगतान भी नहीं किया गया है।

  पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति के अध्यक्ष  प्रवेश शर्मा ने कहा कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम दिल्ली सरकार से मिलने वाले अनुदान आदि पर निर्भर है।  चतुर्थ वित्त आयोग द्वारा की गई सिफारिशों को दिल्ली सरकार ने रोक रखा है। यदि केवल हमें उन सिफारिशों के हिसाब से पूरी राशि दे दी जाए तो वर्तमान वित्तीय वर्ष 2017-18 तक, 9125 करोड़ रुपए दिल्ली सरकार पर बकाया निकलता है।

इस अवसर पर उपमहापौर  बिपिन बिहारी सिंह, जोन चेयरमैन  प्रमोद गुप्ता,  निर्मल जैन, पूर्वी दिल्ली नगर निगम की समितियों के चेयरमैन राजकुमार बल्लन,  सचिन शर्मा, जिला अध्यक्ष अजय महावर, श्री कैलाश जैन, रामकिशोर शर्मा सहित पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सभी निगम पार्षद उपस्थित रहे

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