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कौन बनेगा दिल्ली नगर निगम का सरताज? इसके लिए मतदान कर रहे है दिल्ली की 1.32 करोड़ मतदाता

बिजली, पानी, स्वास्थ, रोजगार, शिक्षा, सफाई आदि जन हित के मुद्दों को छोड़ कर दलों के दलदल में फंस गयी है राजनीति

नई दिल्ली (प्याउ)। कौन फेहरायेगा दिल्ली नगर निगम में अपना परचम।  इसी के लिए आज 23 अप्रैल को प्रातः 8 बजे से दिल्ली के 1,32 लाख 10 हजार  206 मतदाता झुलसाने वाली गर्मी की परवाह न करके कर रहे हैं मतदान। चुनावी मतदान के परिणाम का ऐलान 26 अप्रैल को मतगणना करके किया जायेगा।
दिल्ली नगर निगम के इस चुनाव में नगर निगम के क्षेत्र  में आने वाली बिजली, पानी, स्वास्थ, शिक्षा, सफाई आदि की मुख्य समस्याओं को छोड़ कर यह चुनावी जंग भी दलीय दलदल व दलीय बर्चस्व की जंग में ही सिमट गयी है। लोगों की जुबान में एक ही सवाल है कि कौन बनेगा दिल्ली नगर निगम का सरताज? मोदी की लहर के दम पर भाजपा या दिल्ली सरकार के काम के दम पर आप या अपने अनुभव के दम पर कांग्रेस। इसके बाबजूद अधिकांश लोगों का मानना है कि स्थानीय निकायों के चुनाव में दलीय आधार पर चुनाव नहीं होना चाहिए। लोग इस बात से भी आशंकित है कि इस चुनाव के बाद भी कहीं दिल्ली फिर राजनैतिक दलों के बर्चस्व की जंग के कारण कुडे की ढेर में तब्दील ही न रहे।
दिल्ली के राज्यपाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया, केन्द्रीय मंत्री हर्ष बर्धन, कांग्रेस के दिल्ली प्रदेष अध्यक्ष अजय मांकन, सांसद मीनाक्षी लेखी, दिल्ली के मंत्री सतेन्द्र जैन, हाल में ही कांग्रेस से भाजपाई बने अरविन्द सिंह लवली ने मतदान कर चूके है।
भाजपा ने जहां दिननि की सत्ता में काबिज होने का दावा किया। वहीं कांग्रेस ने अपना मुकाबला भाजपा से बताया। आप पहले ही विधानसभा चुनाव की तरह भाजपा व कांग्रेस के सफाये की हुंकार भर रहा है। वहीं तीनों दलों को धूल चटा कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की हुंकार पहली बार चुनावी दंगल में उतरे योगेन्द्र यादव के नेतृत्व वाली स्वराज पार्टी भी कर रही है।

272 सदस्यीय दिल्ली नगर निगम के तीनों निगमों  के 23 अप्रैल को हो रहे चुनाव में 2सीटों (सराय पीपल थला और मौजपुर वार्ड ) पर प्रत्याशी की मौत के कारण केवल 270 सीटों पर ही मतदान हो रहे है। इस चुनाव में कुल 2537 उम्मीदवार मैदान में उतरे है। इनमें कांग्रेस ने 271 उम्मीदवार उतारे हैं तो भाजपा के 267 उम्मीदवार मैदान में हैं। जबकि आम आदमी पार्टी ने 272 उम्मीदवार इस दंगल में है।
उत्तरी नगर निगम से सबसे अधिक 1004 उम्मीदवार चुनावी दंगल में उतरे है। .दक्षिणी नगर निगम सें 985 और पूर्वी नगर निगम से 548 उम्मीदवार मैदान में हैं। बडी संख्या में दलों के बागियों ने भी तालठोक कर अपने अपने दलों के पसीने छुडवा रहे है। इस चुनाव में 1127 महिलायें भी चुनावी दंगल में उतरी है।  दिननि में 697 प्रत्याशी करोड़पति है। यही नहीं 173 प्रत्याषियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दिल्ली नगर निगम के चुनाव के लिए कुल 13141 मतदान केन्द्र हैं,। इनमें 799 संवेदनशील और 208 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र हैं।  दिल्ली में निष्पक्ष व शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग ने पर्याप्त व्यवस्था की है। इस चुनाव को सुचारू रूप से कराने के लिए करीब 97 हजार सुरक्षा कर्मी लगे हैं। इनमें 40 हजार अर्धसैनिक बल, 20 हजार होमगार्ड  भी सम्मलित है। इस मतदान को संचालित करने के लिए करीब एक लाख कर्मचारी सम्पन्न कराने जुटे हैं। जो प्रातः 8 बजे से सांय 5.30 बजे तक मतदान सम्पन्न करायेंगे।
उप्र सहित 5 राज्यों की विधानसभा चुनाव के बाद मतदान मशीन से हुई छेडछाड़ के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने मतदान मशीन-1 कराया जा रहा है। चुनाव आयोग ने जनता सहित राजनैतिक दलों को विश्वास दिलाया कि मतदान मशीन-1 में किसी प्रकार की गड़बड़ी और छेड़छाड़ नहीं हो सकता है।
गौरतलब है कि साल 2012 के चुनावों में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच हुआ। 2012 के दिननि के चुनावों में भाजपा में भाजपा ने दिल्ली की सत्ता में उस समय आसीन कांग्रेस को धूल चटा कर भारी बहुमत अर्जित कर 138 सीटों जीती थी। वहीं कांग्रेस को केवल 77 सीटें व बसपा को 15 सीटें जीती थीं।
वही इस बार  23 अप्रैल 2017 को हो रहे दिल्ली नगर निगम के चुनाव में मुख्य मुकाबला दिल्ली प्रदेश की सत्ता में आसीन अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी व दिल्ली नगर निगम में सत्तासीन भाजपा के अलावा देष की सबसे वरिष्ठ दल कांग्रेस व पहली बार चुनावी दंगल में उतरी स्वराज पार्टी के बीच में है।

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